तमिलनाडु के शिवगंगा में 18 अक्टूबर 2026 को कुख्यात अपराधी 'सुलन' मदन की दिनदहाड़े हुई नृशंस हत्या के बाद कानून-व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। पुदुपट्टी गांव निवासी 26 वर्षीय मदन पर हत्या और हत्या के प्रयास जैसे 14 मामले दर्ज थे। जून 2024 में मदुरै के वडीपट्टी में दो भाइयों, सूर्या और सुभाष की हत्या के मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था और वह गुंडा एक्ट के तहत जेल में बंद था। दो साल से अधिक समय जेल में बिताने के बाद मदन को 7 अक्टूबर 2026 को जमानत पर रिहा किया गया था।
घटना के दिन मदन मेलामंगलम गांव में वडामाडु मंजुविराट्टू (सांडों को वश में करने का खेल) देखने गया था, तभी एक सशस्त्र गिरोह ने उस पर हमला कर दिया। गन्ने के खेत में भागने की कोशिश के बावजूद हमलावरों ने उसे घेरकर मार डाला। पुलिस को संदेह है कि यह हत्या 2024 के दोहरे हत्याकांड का बदला है। मदन और उसके विरोधी गिरोह सोशल मीडिया, विशेषकर इंस्टाग्राम पर हथियारों के साथ वीडियो डालकर और धमकियां देकर युवाओं को प्रभावित करते थे। मदन की मौत के बाद सोशल मीडिया पर फिर से धमकियां दी जाने लगीं, जिसके बाद शिवगंगा साइबर क्राइम पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोहों से जुड़े 29 सोशल मीडिया अकाउंट्स को बंद कर दिया है।


