मद्रास उच्च न्यायालय ने डीएमके के पूर्व मंत्री के.एन. नेहरू की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उनके खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश पर पुनर्विचार करने की मांग की गई थी। प्रवर्तन निदेशालय ने आरोप लगाया है कि डीएमके शासन के दौरान नगर प्रशासन विभाग में नियुक्तियों के बदले 634 करोड़ रुपये की रिश्वत ली गई थी।
इससे पहले, उच्च न्यायालय ने भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय को इस मामले में के.एन. नेहरू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया था। इस आदेश को चुनौती देते हुए नेहरू ने अदालत में याचिका दायर की थी, जिसे अब अदालत ने सुनवाई के बाद खारिज कर दिया है।

