राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्वीकार किया है कि फरवरी में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किया गया संघर्ष रिपब्लिकन पार्टी की मिडटर्म चुनाव में हार का एक प्रमुख कारण रहा। ट्रंप ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के इस आकलन से सहमति जताई कि युद्ध के कारण मतदाताओं में नाराजगी और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों ने पार्टी के प्रदर्शन को प्रभावित किया। हालांकि, ट्रंप ने जोर देकर कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए यह सैन्य कार्रवाई आवश्यक थी।
बुधवार को संपन्न हुए इन चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी ने हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट दोनों पर नियंत्रण हासिल कर लिया है। ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेजाई ने इसे ट्रंप प्रशासन की रणनीतिक और राजनीतिक हार करार दिया है। वहीं, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी कांग्रेस में सत्ता परिवर्तन के बावजूद तेहरान के प्रति वाशिंगटन की शत्रुतापूर्ण नीति में कोई बदलाव नहीं आएगा।
नई राजनीतिक स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने कहा कि वे डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करने का प्रयास करेंगे, बशर्ते वे विनाशकारी रुख न अपनाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपनी नीतियों को चुनौती मिलने पर वे राष्ट्रपति के वीटो अधिकार का उपयोग करेंगे। ट्रंप ने दोहराया कि वे ईरान संघर्ष पर अपने रुख में कोई बदलाव नहीं करेंगे क्योंकि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए यह सैन्य हस्तक्षेप अनिवार्य था।


