कोयंबटूर स्थित पेरियार अरिवुलगम के लिए पुस्तकों की खरीद में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। लेखक पेरुमल मुरुगन ने 'सिंधई' पोर्टल पर प्रकाशित एक लेख में आरोप लगाया है कि इस खरीद प्रक्रिया में अनियमितताएं बरती गई हैं। मुरुगन स्वयं पुस्तक अनुशंसा समिति का हिस्सा थे, उन्होंने इस प्रक्रिया में धांधली का दावा किया है।
इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री विजय ने द्रमुक (DMK) सरकार की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने घटिया पुस्तकों की सिफारिश कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि द्रमुक भ्रष्टाचार के जरिए साहित्य को दूषित करने में माहिर है। उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई कि छात्रों और आम जनता के लिए बने पुस्तकालय में भी भ्रष्टाचार किया गया है।
