इथेनॉल मिश्रण: क्या कार का माइलेज कम होगा? – एक संक्षिप्त कहानी भारत में वर्तमान में पेट्रोल में इथेनॉल का मिश्रण बढ़ रहा है। इथेनॉल एक प्रकार का अल्कोहल ईंधन है जो गन्ना, मक्का और इसी तरह के स्रोतों से उत्पादित होता है। सरकार का उद्देश्य कच्चे तेल के आयात को कम करना, डॉलर के खर्च को बचाना, किसानों को अतिरिक्त आय प्रदान करना और वायु प्रदूषण को कम करना है। वर्तमान में, भारत में E20 (20% इथेनॉल + 80% पेट्रोल) ईंधन का उपयोग किया जाता है। सरकार का कहना है कि इससे वाहन का माइलेज केवल 2% से 6% तक ही कम होगा। हालांकि, कुछ उपयोगकर्ता माइलेज में उल्लेखनीय कमी की शिकायत कर रहे हैं। हाल ही में E85 (85% इथेनॉल) और भविष्य में E100 (100% इथेनॉल) ईंधन पेश किए गए हैं। हालांकि, इनका उपयोग करने के लिए विशेष फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों की आवश्यकता होगी। यदि सामान्य कार या बाइक में E85 का उपयोग किया जाता है, तो इससे इंजन और ईंधन प्रणाली को नुकसान हो सकता है। सरकार ने बीमा से संबंधित फैल रही अफवाहों का भी खंडन किया है। यह स्पष्ट किया गया है कि E20 के उपयोग से बीमा अमान्य हो जाता है, यह जानकारी गलत है। हालांकि, इथेनॉल उत्पादन के लिए बड़ी मात्रा में पानी की आवश्यकता एक प्रमुख चुनौती बनी हुई है। एक लीटर इथेनॉल बनाने के लिए लगभग 3,000 लीटर पानी की आवश्यकता हो सकती है। कुल मिलाकर, इथेनॉल को एक वैकल्पिक ईंधन के रूप में देखा जाता है जो भारत की ईंधन आयात पर निर्भरता को कम करने में मदद कर सकता है। लेकिन माइलेज, वाहन संगतता और पानी के उपयोग जैसे प्रश्न अभी भी चर्चा में हैं।
0Likes
0Dislikes
