द्रमुक के संगठन सचिव आर.एस. भारती ने द्रमुक और अन्नाद्रमुक के बीच संभावित गठबंधन पर सवाल उठाकर राजनीतिक बहस छेड़ दी है। उन्होंने पूछा, "अगर अन्नाद्रमुक और द्रमुक, जो भागीदार हैं, गठबंधन करते हैं तो इसमें क्या गलत है?"
भारती ने जोर देकर कहा कि अन्नाद्रमुक कोई "अछूत" पार्टी नहीं है, यह बताते हुए कि कम्युनिस्ट पार्टियों ने कई बार इसके साथ गठबंधन किया है। उन्होंने यह भी बताया कि परिस्थितियों के कारण अब द्रमुक और अन्नाद्रमुक के सदस्य विधानसभा में एक ही पंक्ति में बैठते हैं, जिससे दोनों दलों के कार्यकर्ताओं में एकता की भावना पैदा होती है। इसके अलावा, उन्होंने दावा किया कि अन्नाद्रमुक के कार्यकर्ताओं ने खुद यह निष्कर्ष निकाला है कि एम.के. स्टालिन ही द्रविड़ आंदोलन को बचा सकते हैं।
ये टिप्पणियां अगले छह महीनों में तिरुचि पूर्व सहित छह निर्वाचन क्षेत्रों में होने वाले उपचुनावों की प्रत्याशा में आई हैं। राजनीतिक गलियारों में अब यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि क्या द्रमुक इन महत्वपूर्ण उपचुनावों से पहले अन्नाद्रमुक के साथ गठबंधन के लिए माहौल बना रही है।
द्रमुक और अन्नाद्रमुक के संयुक्त वोट शेयर के कम से कम 45% तक पहुंचने की खबर के साथ, यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या ऐसा गठबंधन अभिनेता विजय की राजनीतिक प्रविष्टि का मुकाबला करने की रणनीति हो सकती है। अब सभी की निगाहें अन्नाद्रमुक के महासचिव एडप्पादी पलानीस्वामी के इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।
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