केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा कि भारत की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल बन चुकी है। उन्होंने यह टिप्पणी मदुरै में ‘‘यंग इंडियंस’’ संगठन के राष्ट्रीय फाइनेंस इनोवेटर्स दो दिवसीय सम्मेलन में की, जिसका आयोजन ‘‘बियॉन्ड बाउंड्रीज़ एंटरप्रेन्योरशिप’’ के वैचारिक नाम से हुआ और यंग इंडियंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुण रठौड़ ने सम्मेलन की अध्यक्षता की।
सीतारामन ने बताया कि UPI प्लेटफॉर्म पर प्रत्येक माह 20 बिलियन से अधिक लेनदेन हो रहे हैं और देश में अब 2,100 वैश्विक क्षमता केंद्र मौजूद हैं, जो डिजिटल उन्नति का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि रूस–यूक्रेन युद्ध, इजरायल–ईरान तनाव और आपूर्ति श्रृंखला आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत तेजी से बढ़ रहा है। सरकार आपातकालीन क्रेडिट गारंटी योजना के जरिए MSME को लगातार समर्थन दे रही है। सीतारामन ने यह भी बताया कि पारंपरिक धान किस्मों के निर्यात की शुरुआत होगी और वृंदावन के पास मिर्च सुखाने और व्यापार के लिए एक कंपनी शुरू की जा रही है। आयोजन में संगठन के मुताबिक 71 शाखाओं से 600 से अधिक यंग इंडियंस सदस्य, उद्यमी, निवेशक और उद्योग विशेषज्ञ मौजूद थे।
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