मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण 23 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ खुले। बीएसई सेंसेक्स 364.74 अंक गिरकर 76,390.31 पर और एनएसई निफ्टी 109 अंक फिसलकर 23,887.25 पर बंद हुआ। ब्रेंट क्रूड की कीमतें 95 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने से बैंकिंग, वित्तीय और तेल एवं गैस शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई।
इंडिया वीआईएक्स (India VIX) में 1.46 प्रतिशत की वृद्धि के साथ बाजार की अस्थिरता 13.49 पर पहुंच गई। सेंसेक्स में इंडसइंड बैंक के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई, जबकि इटरनल (Eternal) शीर्ष लाभ कमाने वाला शेयर रहा। हालांकि, आईटी और एफएमसीजी क्षेत्र के शेयरों ने बाजार को कुछ हद तक सहारा दिया।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा कि भू-राजनीतिक अस्थिरता और तेल की ऊंची कीमतें चिंता का विषय हैं, लेकिन यह गिरावट दीर्घकालिक निवेशकों के लिए गुणवत्तापूर्ण शेयर खरीदने का अवसर भी हो सकती है। विश्लेषकों का मानना है कि कॉर्पोरेट नतीजों और वैश्विक संघर्ष के आर्थिक प्रभाव के बीच बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
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