बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दिसंबर में स्वदेश लौटने की घोषणा की है। नई दिल्ली से एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वह गिरफ्तारी या जेल जाने के लिए तैयार हैं। हसीना ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को बहाल करना और देश की जनता के कष्टों को दूर करना है। उन्होंने 2024 के 'जुलाई विद्रोह' को एक सुनियोजित सत्ता परिवर्तन का अभियान करार दिया।
इस घटनाक्रम पर बांग्लादेश सरकार ने कड़ी नाराजगी जताई है। विदेश मंत्रालय ने हसीना को 'फरार दोषी नरसंहारकर्ता' बताते हुए भारत सरकार द्वारा इस कार्यक्रम की अनुमति देने की आलोचना की है। ढाका का कहना है कि इससे द्विपक्षीय संबंधों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। इस बीच, हसीना ने अपनी पार्टी पर लगा प्रतिबंध हटाने, राजनीतिक कैदियों की रिहाई और न्यायपालिका व मीडिया की स्वतंत्रता बहाल करने की मांग की है। वहीं, अवामी लीग ने जानकारी दी है कि इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले क्रिकेटर शाकिब अल हसन के घर पर बांग्लादेश में हमला किया गया है।
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