केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) में संशोधन का मुख्य उद्देश्य विदेशी फंडिंग के स्रोत, भेजने वाले की पहचान और खर्च के विवरण में पारदर्शिता लाना है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि इस संशोधन से ईमानदारी से काम करने वाले किसी भी गैर-सरकारी संगठन (NGO) को कोई परेशानी नहीं होगी।
इस बीच, कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने FCRA संशोधन का विरोध किया है। विपक्ष का मुख्य विरोध सोशल मीडिया पोस्ट और खातों के विवरण दाखिल करने की अनिवार्यता को लेकर है।

