विपक्ष के कड़े विरोध के बाद केंद्र सरकार ने FCRA संशोधन विधेयक को समीक्षा के लिए संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजने का निर्णय लिया है। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि यह विधेयक अल्पसंख्यक संगठनों के हितों को प्रभावित करेगा।
संसद में इस मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि विदेशी अंशदान के लिए उचित नियम और कड़े नियंत्रण लागू करना अनिवार्य है।



