उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर में विकसित हो रहा अल नीनो आधुनिक इतिहास की सबसे शक्तिशाली घटना बनने की ओर अग्रसर है। विशेषज्ञों के अनुसार, समुद्र की सतह का तापमान पहले ही 'सुपर अल नीनो' स्तर तक पहुंच चुका है, जबकि समुद्र के भीतर की गर्मी 1982-83, 1997-98 और 2015-16 की प्रमुख घटनाओं के स्तर को पार कर गई है। इस घटना के नवंबर और दिसंबर के बीच चरम पर पहुंचने की आशंका है।
जलवायु विश्लेषक कॉलिन मैकार्थी ने बताया कि यह घटना वार्मिंग की गति, अनुमानित तीव्रता और महासागर में संचित गर्मी के मामले में सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ रही है। अगले 12 से 18 महीनों में इसके कारण वैश्विक स्तर पर लू, भीषण सूखा और बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि जलवायु परिवर्तन के साथ मिलकर यह अल नीनो 2027 की शुरुआत तक वैश्विक औसत तापमान को पूर्व-औद्योगिक स्तर से 2 डिग्री सेल्सियस ऊपर ले जा सकता है, जो पृथ्वी की जलवायु प्रणाली के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।




