सुप्रीम कोर्ट ने मेघमलाई टाइगर रिजर्व क्षेत्र में स्थित कपास के बागानों को पूरी तरह से हटाने का कड़ा निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि वन क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की ढिलाई या समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अदालत ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आरक्षित वन क्षेत्रों में किसी को भी पट्टा जारी न किया जाए और अतिक्रमणकारियों द्वारा बनाए गए ढांचों की बिजली और पानी की आपूर्ति तत्काल प्रभाव से काट दी जाए। साथ ही, वन क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यकता पड़ने पर अर्धसैनिक बलों की तैनाती की भी अनुमति दी गई है।

