दक्षिण भारत में पिछले कुछ वर्षों में आवश्यक खाद्य पदार्थों की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। अगस्त 2024 से अगस्त 2026 के बीच सूरजमुखी तेल की कीमतों में तेलंगाना में 74.4%, कर्नाटक में 68.1%, तमिलनाडु में 67.3% और आंध्र प्रदेश में 63.4% की बढ़ोतरी हुई है। तमिलनाडु में सूरजमुखी तेल का भाव 115.71 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 193.58 रुपये प्रति किलो हो गया है। इसी अवधि में तमिलनाडु में धनिया की कीमत 93.6% बढ़कर 23.82 रुपये से 46.11 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।
अन्य आवश्यक वस्तुओं की बात करें तो तमिलनाडु में 2022 से 2026 के बीच चीनी की कीमत 33.6% बढ़कर 53.58 रुपये, चावल 24.4% बढ़कर 60.25 रुपये और नमक 22.8% बढ़कर 27.29 रुपये प्रति किलो हो गया है। हालांकि, कुछ वस्तुओं के दाम घटे भी हैं। तमिलनाडु में तुअर दाल की कीमत 24%, लाल मिर्च 9.3% और हल्दी 43.6% सस्ती हुई है। केंद्र सरकार के प्राइस मॉनिटरिंग डिवीजन के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर पैकेट बंद सूरजमुखी तेल की कीमतें 98.2% तक बढ़ गई हैं, जो 2016 में 96.32 रुपये से बढ़कर 2026 में 190.92 रुपये प्रति किलो हो गई हैं।


