राशन की दुकानों से मिलने वाले चावल के सेवन से मधुमेह कम होने के दावे को लेकर तमिलनाडु के नेताओं के बीच अलग-अलग राय सामने आई है। पूर्व मंत्री एमआरके पनीरसेल्वम ने दावा किया कि पूर्व मंत्री केएन नेहरू खुद मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए राशन के मोटे चावल का सेवन करते हैं।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए केएन नेहरू ने कहा कि लोग स्वास्थ्य लाभ के कारण ही राशन के चावल खाते हैं। उन्होंने इसकी तुलना सुबह खाली पेट आंवले का जूस पीने से करते हुए कहा कि जिस तरह लोग स्वास्थ्य के लिए जूस पीते हैं, उसी तरह राशन के चावल का सेवन भी किया जा रहा है।
वहीं, मंत्री सेंगोट्टैयन ने इन दावों से इतर एक अलग पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि लोग अब राशन की दुकानों के बजाय बारीक चावल पसंद कर रहे हैं, जिसकी उत्पादन क्षमता कम है। उन्होंने आरोप लगाया कि राशन की दुकानों से मिलने वाले उत्पादों का उपयोग अब लोग मुख्य रूप से पशुओं और मुर्गियों के चारे के रूप में कर रहे हैं।

