तमिलनाडु विधानसभा में टेंडर रद्द करने के मुद्दे पर डीएमके विधायक शेखर बाबू और मंत्री रमेश के बीच तीखी बहस हुई। विधायक शेखर बाबू ने आरोप लगाया कि सरकार ने जनहित के कार्यों के लिए जारी किए गए टेंडरों को रद्द कर दिया है। उन्होंने तर्क दिया कि पिछली सरकार के अधूरे कार्यों को पूरा करना वर्तमान सरकार का दायित्व है।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री रमेश ने स्पष्ट किया कि सरकार ने केवल उन्हीं परियोजनाओं को रद्द किया है जो जनता के लिए उपयोगी नहीं थीं। उन्होंने कहा कि अनावश्यक योजनाओं को बंद किया गया है। साथ ही, मंत्री ने शेखर बाबू पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार में मंत्री रहते हुए उनके द्वारा की गई कई घोषणाएं आज भी अधूरी और लंबित पड़ी हैं।

