द्रमुक की कार्यकारी समिति की बैठक को संबोधित करते हुए पार्टी अध्यक्ष और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने वर्तमान शासकों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार बिना किसी स्पष्ट नीति या प्रशासनिक ढांचे के काम कर रही है और जनहित के कार्यों की उपेक्षा कर रही है।
स्टालिन ने पार्टी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे द्रमुक की संघर्षशील पहचान को बनाए रखें और सत्ताधारी दल की तरह कार्य न करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीति मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि जनता के लिए संघर्ष करने का माध्यम है। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने जोर देकर कहा कि 'हम स्थायी हैं'।


