तमिलनाडु सरकार ने 'थाईमामन थंगा मोथिरम' योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में जन्मे शिशुओं को एक ग्राम सोने की अंगूठी प्रदान करने के लिए केरल स्थित जॉयलुक्कास और कल्याण ज्वेलर्स को अनुबंध सौंपा है। इन कंपनियों ने प्रति ग्राम मात्र एक पैसे का मेकिंग चार्ज लगाकर यह ठेका हासिल किया है, जिसके तहत कार्य आदेश को 70:30 के अनुपात में विभाजित किया गया है। योजना के पहले चरण के लिए कुल 4,41,667 सोने की अंगूठियों की आवश्यकता है।
इस निर्णय पर एआईएडीएमके और भाजपा सहित विपक्षी दलों ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने स्थानीय फर्मों को बाहर करने और इतनी कम बोली की वित्तीय व्यवहार्यता पर सवाल उठाए हैं। आलोचकों का तर्क है कि इससे स्थानीय स्वर्ण कारीगर प्रभावित होंगे और खरीद प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी संदेह जताया है। ज्वेलर्स का कहना है कि वे इस लागत को अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) निधि से पूरा करेंगे।
स्वास्थ्य मंत्री के.जी. अरुणराज ने टेंडर का बचाव करते हुए कहा कि प्रक्रिया सभी कानूनी आवश्यकताओं के अनुरूप है और इसका उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में प्रसव को प्रोत्साहित करना है। सरकार का मानना है कि यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं में जनता का विश्वास बढ़ाएगी। इस योजना का आधिकारिक शुभारंभ 15 सितंबर को निर्धारित किया गया है।


