कोलंबो में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच के दौरान भारतीय बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और श्रीलंकाई तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो के बीच हुई तीखी बहस और शारीरिक धक्का-मुक्की पर पूर्व भारतीय ऑलराउंडर अजय जडेजा ने नाराजगी जताई है। 45 रन पर आउट होने के बाद जायसवाल और फर्नांडो के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि अन्य खिलाड़ियों को बीच-बचाव करना पड़ा। जडेजा ने स्पष्ट किया कि मैदान पर शारीरिक संपर्क एक गंभीर उल्लंघन है और जो खिलाड़ी छींटाकशी (बेंटर) करते हैं, उन्हें पलटवार झेलने के लिए भी तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई खिलाड़ी ऐसी स्थिति नहीं संभाल सकता, तो उसे शुरुआत ही नहीं करनी चाहिए।
भारतीय बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने माना कि जायसवाल को संयम बरतना चाहिए था, हालांकि उन्होंने इसे खेल के दौरान भावनाओं का उबाल बताया। इस घटना के बाद मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.12 के तहत मामले की समीक्षा कर सकते हैं। अनुचित शारीरिक संपर्क के इस मामले में जायसवाल पर जुर्माना या डिमेरिट अंक लगाए जाने की संभावना है।


