नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार सुबह भोटे कोशी नदी में आई भीषण बाढ़ से कम से कम 95 लोगों की मौत हो गई है, जबकि करीब 400 लोग लापता हैं। लापता लोगों में 105 भारतीय नागरिक और 37 प्रवासी भारतीय शामिल हैं। बाढ़ के कारण रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग जिलों में बुनियादी ढांचे, वाहनों और कई जलविद्युत परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचा है। फिलहाल हेलीकॉप्टर, ड्रोन और खोजी कुत्तों की मदद से बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नेपाल के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए मानवीय सहायता की पेशकश की है। भारत सरकार हवाई मार्ग से दवाएं और राशन जैसी आपातकालीन राहत सामग्री भेज रही है, साथ ही राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) को भी बचाव कार्य के लिए तैयार रखा गया है। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है और प्रभावित नागरिकों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं।
इस बीच, गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण बिहार और उत्तर प्रदेश के निचले इलाकों में बाढ़ का अलर्ट जारी कर दिया गया है। आपदा के सटीक कारणों की जांच की जा रही है, जिसमें तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर फटने या भूस्खलन से नदी का बहाव रुकने की संभावना पर गौर किया जा रहा है। संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।




