मंत्री वन्नी अरसु ने विधानसभा में द्रविड़ पार्टियों पर दलित समुदाय को केवल सहानुभूति की दृष्टि से देखने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि डीएमके और एआईएडीएमके जैसी पार्टियां सामान्य निर्वाचन क्षेत्रों से दलित उम्मीदवारों को मैदान में उतारने को अपनी बड़ी उपलब्धि बताती हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि यह निर्णय किसी वैचारिक प्रतिबद्धता का परिणाम है या महज सहानुभूति का।
उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में दलितों की प्रगति के प्रति व्याप्त नकारात्मक दृष्टिकोण पर भी चिंता जताई। वन्नी अरसु ने कहा कि पिछली डीएमके सरकार में विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) के चार विधायक थे, जबकि वर्तमान में दो विधायक होने के बावजूद पार्टी को मंत्रिमंडल में स्थान दिया गया है, जो मौजूदा सरकार की नीति को दर्शाता है।




