नेपाल के रसुवा और नुवाकोट जिलों में आई भीषण बाढ़ के बाद 11 जलविद्युत परियोजनाओं के स्थलों पर कम से कम 573 कर्मचारी फंसे हुए हैं या लापता हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार शाम तक इन परियोजनाओं में लापता लोगों की कुल संख्या 934 तक पहुंच गई थी, जबकि 361 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। प्रभावित स्थलों पर नेपाल, भारत, चीन, दक्षिण कोरिया और जर्मनी के नागरिक कार्यरत थे।
बचाव कार्यों के लिए नेपाली सेना ने 15 हेलीकॉप्टर और विशेष दस्तों को तैनात किया है। भारत ने भी तकनीकी सहायता प्रदान करते हुए चिकित्सा और सुरंग विशेषज्ञों की एक टीम भेजी है, साथ ही फॉरेंसिक टीम और विशेष उपकरणों के जल्द पहुंचने की उम्मीद है। निजी ऑपरेटर और नेपाल माउंटेन गाइड एसोसिएशन मलबे को हटाकर सुरंगों में फंसे लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।
बचे हुए लोगों ने बताया कि बर्फ, चट्टान और पानी का एक सैलाब नदी प्रणालियों से होता हुआ आया, जिसने बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दिया और सुरंगों के प्रवेश द्वारों को मलबे से पाट दिया। इस आपदा में अब तक कम से कम 675 लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग लापता बताए जा रहे हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि मलबे के कारण बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है और समय बहुत महत्वपूर्ण है।




