तूतीकोरिन थर्मल पावर स्टेशन परिसर में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत एक नया बिजली संयंत्र स्थापित किया जाएगा। 20,800 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को सुपरक्रिटिकल तकनीक के साथ विकसित किया जाएगा।
इस संयंत्र में 800-800 मेगावाट की दो इकाइयां होंगी, जिससे कुल 1,600 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा सकेगा। इस नई परियोजना के माध्यम से क्षेत्र की बिजली उत्पादन क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी।

