तमिलनाडु पंजीकरण विभाग ने 1865 से अब तक के करोड़ों ऐतिहासिक दस्तावेजों को डिजिटल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसमें संपत्ति के रिकॉर्ड के साथ-साथ जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र भी शामिल हैं। पंजीकरण महानिरीक्षक जी.के. अरुण सुंदर थायलान के अनुसार, इस परियोजना के तहत 581 उप-पंजीयक कार्यालयों के 2.23 करोड़ दस्तावेजों को डिजिटल किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य दस्तावेजों को आसानी से खोजने योग्य बनाना और धोखाधड़ी पर रोक लगाना है।
यह डेटा STAR 2.0 प्लेटफॉर्म के साथ एकीकृत किया जाएगा, जिसमें 1865 से 1974 तक के भार प्रमाणपत्र (encumbrance details) भी शामिल होंगे। इस कार्य के लिए 1.2 पेटाबाइट स्टोरेज की आवश्यकता होगी और इसे सुरक्षित ऑडिट ट्रेल के माध्यम से प्रबंधित किया जाएगा। पेरुंगुडी स्थित राज्य डेटा केंद्र में भंडारण से पहले फिंगरप्रिंट प्रमाणीकरण और डिजिटल हस्ताक्षर का उपयोग किया जाएगा। इस पूरी परियोजना को 14 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए निविदाएं 15 सितंबर से 23 सितंबर तक खुली रहेंगी।

