तमिलनाडु के पूर्व मंत्री और डीएमके नेता टीआरबी राजा ने राज्य के राजस्व मोर्चे पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि अगस्त महीने में जीएसटी संग्रह पिछले साल के मुकाबले एक प्रतिशत गिर गया है। अगस्त 2025 में जीएसटी संग्रह 10,329 करोड़ रुपये था, जो अगस्त 2026 में घटकर 10,189 करोड़ रुपये रह गया है।
राजा ने कहा कि राज्य के स्वयं के कर राजस्व का 38 प्रतिशत हिस्सा जीएसटी से आता है, इसलिए यह गिरावट चिंताजनक है। जहां भारत नौ प्रतिशत की विकास दर दर्ज कर रहा है, वहीं तमिलनाडु में राजस्व का घटना आर्थिक रूप से एक बड़ा संकेत है। उन्होंने चेतावनी दी कि विकास कार्यों के लिए धन की आवश्यकता होती है और राजस्व में कमी सरकार के लिए वित्तीय संकट पैदा कर सकती है।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि यह स्थिति बनी रही, तो क्या सरकार अपने खर्चों में कटौती करेगी या उसे अतिरिक्त कर्ज लेना पड़ेगा। उन्होंने सरकार से इस गिरावट के कारणों को स्पष्ट करने की मांग करते हुए कहा कि राजस्व के बिना बजट केवल कागजी आंकड़ों तक ही सीमित रह जाएगा।


