नेपाल में त्रिशूली 3ए जलविद्युत परियोजना की सुरंग में 10 दिनों से फंसे दो श्रमिकों, संजय साह और कबीर महर्जन को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ के कारण सुरंग मलबे और चट्टानों से भर गई थी, जिसके बाद नेपाल सेना के नेतृत्व में एक बड़ा बचाव अभियान चलाया गया।
सुरंग बचाव विशेषज्ञ अर्नोल्ड डिक्स ने इस मिशन को अभूतपूर्व करार दिया है। बचाव दल को कार के आकार के पत्थरों को हटाने और सुरंग में जहरीली गैसों को रोकने के लिए हवा पंप करने जैसी कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ा। डिक्स के अनुसार, बाढ़ के दौरान श्रमिक सुरंग में ऊपर की ओर भागे थे, जहाँ चट्टानों के मलबे ने उन्हें एक जगह कैद कर दिया, लेकिन यही मलबा उनके लिए सुरक्षा कवच भी बन गया और वे डूबने से बच गए।
इन दो श्रमिकों की सुरक्षित वापसी से सुरंग में फंसे अन्य 35 लोगों के मिलने की उम्मीद जगी है। वहीं, इस विनाशकारी बाढ़ के कारण प्रभावित अन्य बिजली संयंत्रों और नदी घाटी के क्षेत्रों में अभी भी लगभग 150 लोग लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है।





