मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने आपातकाल के दौरान मिसा (MISA) कानून के तहत झेली गई यातनाओं को याद करते हुए अभिनेता विजय के बयानों पर प्रतिक्रिया दी है। स्टालिन ने कहा कि 1976 में द्रमुक सरकार को बर्खास्त किए जाने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था और जेल में अमानवीय परिस्थितियों का सामना करना पड़ा था। उन्होंने बताया कि उन्हें कुष्ठ रोगियों के साथ एक छोटे से कमरे में रखा गया था, जहां स्वच्छता का घोर अभाव था।
स्टालिन ने आरोप लगाया कि जेल में पुलिस उन्हें रात भर सोने नहीं देती थी, बूटों से कुचलती थी और आजीवन कारावास के कैदियों के जरिए प्रताड़ित करवाती थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जेल में हुई पिटाई के कारण उनके जबड़े की हड्डी टूट गई थी और आज भी उनके शरीर पर उन जख्मों के निशान मौजूद हैं। स्टालिन ने जोर देकर कहा कि तमिलों के लिए संघर्ष करते हुए मिले ये निशान ही द्रमुक का वास्तविक इतिहास हैं।

