डीएमके आईटी विंग ने आपातकाल के दौरान पार्टी अध्यक्ष एम.के. स्टालिन की मीसा (MISA) कानून के तहत गिरफ्तारी से संबंधित आधिकारिक दस्तावेज सार्वजनिक किए हैं। 1 फरवरी 1976 को जारी इस आदेश में स्टालिन पर लगाए गए आरोपों का विस्तृत विवरण दिया गया है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यह कदम गलत सूचनाओं का खंडन करने और जनता को सच्चाई से अवगत कराने के लिए उठाया गया है।
दस्तावेज के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि के पुत्र एम.के. स्टालिन पर आरोप लगाया गया था कि वे डीएमके कार्यकर्ता के रूप में कानून अपने हाथ में ले रहे थे और जनसभाओं के माध्यम से केंद्र सरकार के खिलाफ भड़काऊ विचार फैला रहे थे। उन पर राज्य सरकार की विफलताओं के लिए केंद्र को जिम्मेदार ठहराकर जनता को उकसाने का भी आरोप था।
राष्ट्रीय अखंडता के खिलाफ काम करने और सार्वजनिक शांति भंग करने के आरोपों के तहत उन्हें 1971 के आंतरिक सुरक्षा रखरखाव अधिनियम (MISA) के तहत जेल भेजा गया था। इस आधिकारिक दस्तावेज पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक और पुलिस आयुक्त के हस्ताक्षर मौजूद हैं।

