चेन्नई के पट्टिनपक्कम में राज्य सरकार द्वारा 25 एकड़ भूमि पर नया सचिवालय बनाने के निर्णय के खिलाफ 12 तटीय गांवों के मछुआरों ने विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। मछुआरा समुदायों का कहना है कि यह भूमि ऐतिहासिक रूप से उनके कब्जे में है और इस परियोजना से उनकी आजीविका तथा समुद्र तक पहुंच पर सीधा खतरा पैदा हो गया है।
मछुआरा संघों ने इस निर्माण का कड़ा विरोध करते हुए कहा है कि यह क्षेत्र नावों को रखने और जाल की मरम्मत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनका तर्क है कि निर्माण कार्य से उनकी आवाजाही बाधित होगी और यह तटीय भूमि पर उनके पारंपरिक अधिकारों का उल्लंघन है। इस मुद्दे पर आगे की रणनीति तय करने के लिए 15 सितंबर को पट्टिनपक्कम में एक परामर्श बैठक बुलाई गई है, जिसमें आसपास के 50 गांवों के निवासियों को आमंत्रित किया गया है।


