ब्रिक्स बिजनेस फोरम के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों और सैन्य आक्रामकता की कड़ी आलोचना की। दोनों नेताओं ने कहा कि इस तरह का दबाव वैश्विक स्थिरता के लिए खतरा है और ब्रिक्स देशों से बाहरी हस्तक्षेप के खिलाफ आर्थिक मजबूती बढ़ाने के लिए रणनीतियां तैयार करने का आग्रह किया।
राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने ईरान पर प्रतिबंधों के प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि आर्थिक सुरक्षा राष्ट्रीय स्थिरता से जुड़ी है। वहीं, राष्ट्रपति पुतिन ने पश्चिमी शक्तियों पर बुनियादी ढांचे को नष्ट करने, अवैध प्रतिबंध लगाने और स्वतंत्र नीति अपनाने वाले देशों को धमकाने का आरोप लगाया।
यह घटनाक्रम भारत के लिए एक कूटनीतिक चुनौती पेश करता है, जो ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करते हुए अपनी बहु-संरेखण नीति को बनाए रखने का प्रयास कर रहा है। इस बीच, रूस और ईरान ब्रिक्स के भीतर स्थानीय मुद्राओं के उपयोग और बुनियादी ढांचे में निवेश को बढ़ाने के लिए सहयोग पर जोर दे रहे हैं, जिस पर अमेरिका की भी नजर है।

