नेपाल-तिब्बत सीमा पर बर्फ और चट्टानों के खिसकने से आई भीषण बाढ़ के दो सप्ताह बाद भी 80 लोग लापता हैं। ईशा फाउंडेशन के अनुसार, लापता लोगों में कैलाश मानसरोवर यात्रा के 77 तीर्थयात्री और तीन स्वयंसेवक शामिल हैं। इस आपदा में अब तक कुल 1,386 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि पूरे क्षेत्र में 5,130 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
ईशा फाउंडेशन ने बताया कि ग्यारोंग पोर्ट (Gyirong Port) में प्रवेश प्रतिबंधित होने के कारण बचाव और पहचान का कार्य अत्यंत चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। फाउंडेशन नेपाली सेना, स्थानीय पुलिस और दूतावासों के साथ समन्वय कर लापता लोगों की तलाश में जुटा है। प्रभावित परिवारों की मदद के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन शुरू की गई है और डीएनए (DNA) जांच के माध्यम से पहचान प्रक्रिया को तेज करने के लिए कांसुलर सेवाओं के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। आधिकारिक पुष्टि के बाद ही परिवारों को जानकारी दी जा रही है।



