नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस, चीन, ईरान और अन्य सदस्य देशों के नेताओं के साथ समूह फोटो खिंचवाई। इस दौरान 11 देशों के इस गुट ने 'नई दिल्ली घोषणापत्र 2026' पर आम सहमति बना ली है, जिसे मेजबान भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक सफलता माना जा रहा है।
नेताओं द्वारा जारी संयुक्त बयान में मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए अधिकतम संयम बरतने का आह्वान किया गया है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अन्य राष्ट्राध्यक्षों ने जोर देकर कहा कि जारी संघर्ष अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साझा हितों के अनुरूप नहीं है और इसका समाधान बातचीत व कूटनीति के माध्यम से निकाला जाना चाहिए।
घोषणापत्र में आतंकवाद की कड़ी निंदा की गई है, जिसमें विशेष रूप से अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर में हुए हमले का उल्लेख है। इसके अतिरिक्त, सदस्य देशों ने एकतरफा व्यापार शुल्क और आर्थिक प्रतिबंधों का विरोध करते हुए विश्व व्यापार संगठन (WTO) पर केंद्रित बहुपक्षीय व्यापार ढांचे के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।



