संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार विशेषज्ञों ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ईरान में दो अलग-अलग हमलों के दौरान अमेरिका द्वारा युद्ध अपराध किए जाने के ठोस सबूत मिले हैं, जिनमें 150 से अधिक नागरिकों की मौत हुई थी। स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय तथ्य-खोज मिशन की रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी को मिनाब के एक प्राथमिक स्कूल पर हुए मिसाइल हमले में 120 बच्चों सहित कम से कम 156 लोगों की जान गई, जबकि लामेर्ड में हुए एक अन्य हमले में कम से कम 21 नागरिक मारे गए। जांचकर्ताओं ने इन घटनाओं को स्पष्ट रूप से नागरिक ठिकानों पर अंधाधुंध हमला करार दिया है।
मिशन ने दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच ईरान में विरोध प्रदर्शनों के दौरान मानवाधिकारों के व्यापक उल्लंघन का भी दस्तावेजीकरण किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरानी सुरक्षा बलों ने कम से कम 221 बच्चों की हत्या की और व्यवस्थित रूप से यातना, मनमानी हिरासत और फांसी जैसी कार्रवाई की। विशेषज्ञों ने यह भी उल्लेख किया कि स्वास्थ्य सुविधाओं पर हमलों के कारण पीड़ितों को आवश्यक चिकित्सा उपचार नहीं मिल सका।
अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिका नागरिकों को निशाना नहीं बनाता है, हालांकि अमेरिकी सेना ने अभी तक अपनी जांच के निष्कर्ष जारी नहीं किए हैं। संयुक्त राष्ट्र मिशन ने अमेरिका और ईरान दोनों से इन उल्लंघनों को तुरंत रोकने, पीड़ितों को मुआवजा देने और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने की मांग की है।



