अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक 'धोखा' करार दिया है। ट्रंप ने एआई के लिए किसी भी तरह के कड़े नियामक ढांचे की आवश्यकता को नकारते हुए कहा कि इस तकनीक के लिए एकमात्र जरूरी निगरानी एक मजबूत राष्ट्रपति का नेतृत्व है। उन्होंने चेतावनी दी कि एआई जोखिमों के नाम पर फैलाया जा रहा डर एक साजिश है, जिसका लाभ वैश्विक तकनीकी दौड़ में चीन को मिल सकता है।
ट्रंप का यह बयान उद्योग जगत के दिग्गजों द्वारा दी गई चेतावनियों के बाद आया है। एंथ्रोपिक के सह-संस्थापक जैक क्लार्क ने संभावित अस्तित्व संबंधी खतरों को रोकने के लिए अनिवार्य 'किल स्विच' की वकालत की थी, जबकि ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन और एक्सएआई के एलन मस्क ने भी एआई विकास की गति धीमी करने और स्वतंत्र निगरानी की मांग की है।
इस बीच, नीति निर्माताओं के बीच इसे लेकर मतभेद बने हुए हैं। यूके के बिजनेस सेक्रेटरी जोनाथन रेनॉल्ड्स ने अतिशयोक्ति से बचने की सलाह देते हुए कहा कि जोखिमों के बावजूद एआई के आर्थिक और सार्वजनिक लाभ भी हैं। वहीं, सीनेटर बर्नी सैंडर्स समेत कई अन्य राजनीतिक हस्तियां अनियंत्रित एआई विकास से उत्पन्न खतरों को रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग पर कायम हैं।



