ब्रिक्स सदस्य देशों ने गहन और लंबी बातचीत के बाद एक संयुक्त घोषणापत्र पर सहमति बना ली है। शनिवार सुबह 4 बजे तक चली इस मैराथन वार्ता के बाद यह सफलता हासिल हुई। इससे पहले संयुक्त अरब अमीरात और ईरान के बीच पश्चिम एशिया संघर्ष को लेकर मतभेदों के कारण स्थिति तनावपूर्ण थी, जिसके चलते ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की पिछली बैठक बिना किसी आम सहमति के समाप्त हो गई थी।
यह गतिरोध तब टूटा जब ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के बीच एक दुर्लभ बैठक हुई, जिससे तनाव कम करने में मदद मिली। 140 पैराग्राफ वाले इस घोषणापत्र में कूटनीति, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और नागरिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा पर जोर दिया गया है। इसमें किसी विशिष्ट देश की निंदा करने के बजाय वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं को बनाए रखने का आह्वान किया गया है।
घोषणापत्र में आतंकवाद की कड़ी निंदा की गई है, जिसमें पहलगाम हमले का विशेष उल्लेख है। साथ ही, सदस्य देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में व्यापक सुधारों की वकालत की है। इसके अतिरिक्त, गाजा में जारी हिंसा पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए फिलिस्तीनियों के जबरन विस्थापन को रोकने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई गई है।



