ग्रेटर चेन्नई सिटी पुलिस ने POCSO अधिनियम के तहत चल रही एक जांच के संबंध में औपचारिक परामर्श जारी किया है। अधिकारियों ने पाया है कि मामले से जुड़ी एक नाबालिग की तस्वीरें और वीडियो विभिन्न मीडिया प्लेटफॉर्म और सोशल नेटवर्क पर प्रसारित किए जा रहे हैं।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऐसी सामग्री साझा करना POCSO अधिनियम की धारा 23(2) के तहत एक दंडनीय अपराध है। जनता को सलाह दी गई है कि वे इस मामले से जुड़ी कोई भी जानकारी या दृश्य सार्वजनिक रूप से प्रसारित न करें।
जांच से संबंधित कोई भी साक्ष्य या जानकारी रखने वाले व्यक्तियों से आग्रह किया गया है कि वे इसे सीधे ग्रेटर चेन्नई सिटी पुलिस को सौंपें ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके।



