तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने कहा कि वे अभिनय छोड़ने की बात कहकर जनता के बीच अभिनय कर रहे हैं। मदुरंतकम में विजय के भाषण का जिक्र करते हुए स्टालिन ने सवाल किया कि एआईएडीएमके (AIADMK) से आए मरगदम कुमारवेल को उम्मीदवार बनाकर 'टीवीके' (TVK) को शुद्ध शक्ति और डीएमके (DMK) को दुष्ट शक्ति बताना कितना उचित है। उन्होंने एनडीए (NDA) विधायकों को शामिल करने और जनता द्वारा टीवीके उम्मीदवारों से सवाल पूछे जाने को लेकर भी मुख्यमंत्री पर तंज कसा।
स्टालिन ने आरोप लगाया कि विजय ने भाजपा के खिलाफ कभी कोई ठोस विरोध प्रदर्शन नहीं किया और उनकी चुप्पी को 'आत्मसमर्पण' करार दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री पर चुनावी वादों से पलटने और राज्य की मौजूदा योजनाओं को अपनी उपलब्धि बताने का आरोप लगाया। स्टालिन ने बिजली कटौती, महंगाई और स्वास्थ्य समस्याओं का उल्लेख करते हुए विजय सरकार की आलोचना की।
जेम वीरमणि मामले पर स्टालिन ने कहा कि उन्होंने इस पर स्पष्टीकरण दे दिया है और उच्च न्यायालय ने भी इसे राजनीतिक न बनाने की सलाह दी है। करूर में हुई मौतों के संदर्भ में स्टालिन ने विजय पर कायरता का आरोप लगाते हुए कहा कि वे मुख्यमंत्री पद की गरिमा के अनुरूप आचरण करें और आत्म-चिंतन करें।

