स्कूली छात्रों को परोसे जाने वाले नाश्ते की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए स्कूली शिक्षा विभाग ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब शिक्षकों को छात्रों को भोजन परोसने से पहले स्वयं उसे चखकर उसकी गुणवत्ता की जांच करनी होगी।
यह निर्णय तिरुवल्लूर के पास एक स्कूल में नाश्ता करने के बाद छात्रों के बीमार पड़ने और उन्हें उल्टी व चक्कर आने की घटना के बाद लिया गया है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी स्कूलों को भोजन की गुणवत्ता की अनिवार्य रूप से जांच करने के बाद ही उसे छात्रों को परोसने का आदेश दिया गया है।


