चेन्नई पुलिस ने जेम ग्रेनाइट्स के चेयरमैन आर. वीरमणि के खिलाफ नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के आरोपों की जांच के लिए चार सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। इस टीम का नेतृत्व चेन्नई सेंट्रल क्राइम ब्रांच की अतिरिक्त पुलिस आयुक्त पी.सी. थेनमोझी करेंगी। टीम के अन्य सदस्यों में संयुक्त पुलिस आयुक्त एन. दिशा मित्तल, पुलिस अधीक्षक जे. मुथरासी और उपायुक्त गीतांजलि शामिल हैं। वीरमणि और उनके सहयोगियों की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा बढ़ने पर यह कदम उठाया गया है।
वीरमणि को 29 अगस्त को पोक्सो (POCSO) मामले में शांति और महेंद्र सिम्हन के साथ गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 22 सितंबर को एक पूर्व कर्मचारी गणेशन को भी गिरफ्तार किया गया, जिसके मोबाइल से मामले से जुड़ा एक वीडियो बरामद हुआ था। एसआईटी अब तक एकत्र किए गए साक्ष्यों और डिजिटल सामग्री की गहन जांच करेगी।
इस बीच, वरिष्ठ वकील राजा ने शुक्रवार को मद्रास उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ से इस मामले को सीबीआई को स्थानांतरित करने का आग्रह किया है। यह मांग राज्य सरकार द्वारा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ए. अरुण और पुलिस महानिरीक्षक एन. कन्नन को अनिवार्य प्रतीक्षा (compulsory wait) पर भेजे जाने के बाद की गई है।


