भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मु. वीरपांडियन ने आरोप लगाया है कि चुनाव के दौरान अब केवल व्यक्तिगत रूप से पैसे बांटने तक ही मामला सीमित नहीं है, बल्कि पूरी गलियों को खरीदने का चलन बढ़ गया है। उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया में कई मंत्री सीधे तौर पर शामिल हैं।
वीरपांडियन ने कहा कि हर वोट के लिए 5,000 से 10,000 रुपये तक दिए जा रहे हैं और उनके पास इसके पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि ये सभी वित्तीय लेनदेन फोन-पे (PhonePe) और गूगल-पे (GPay) जैसे मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से किए जा रहे हैं।


