फ्रांस में आर्थिक मंदी और शिक्षा क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की कमी के विरोध में छात्र पिछले एक सप्ताह से देशव्यापी आंदोलन कर रहे हैं। 3.6 ट्रिलियन यूरो के सार्वजनिक कर्ज के कारण सरकार द्वारा अपनाए गए मितव्ययिता उपायों के चलते स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी और बदतर बुनियादी ढांचे से छात्र आक्रोशित हैं। अब तक एक हजार से अधिक स्कूल बंद हो चुके हैं और प्रदर्शनकारियों के साथ झड़प में 85 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
छात्रों का आरोप है कि सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक चलने वाली लंबी कक्षाएं और अस्वच्छ शौचालय उन्हें गुलामों जैसा महसूस कराते हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नु ने कक्षाओं को ऑनलाइन संचालित करने का निर्देश दिया है। गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने हिंसा भड़काने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है, जबकि शिक्षा मंत्रालय ने छात्र और अभिभावक संघों के साथ बातचीत शुरू कर दी है। इस विरोध प्रदर्शन का असर पड़ोसी देश बेल्जियम तक भी देखा जा रहा है।




