पूर्वी कांगो में इबोला के 'बुन्डिबुग्यो' स्ट्रेन को रोकने के लिए एक प्रायोगिक एंटीवायरल दवा 'ओबेल्डेसिविर' का क्लिनिकल परीक्षण शुरू किया गया है। चिकित्सा गैर-लाभकारी संस्था ALIMA द्वारा समन्वित इस अध्ययन में अब तक 250 से अधिक प्रतिभागी शामिल हो चुके हैं। जुलाई में शुरू हुए इस परीक्षण का लक्ष्य कुल 1,000 लोगों को शामिल करना है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या यह दवा संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों में संक्रमण की कड़ी को तोड़ने में प्रभावी है।
मध्य मई में प्रकोप की घोषणा के बाद से सात प्रांतों में 8,300 से अधिक मामले और 4,000 मौतें दर्ज की गई हैं। प्रकोप के केंद्र इतुरी प्रांत में यह अध्ययन कांगो के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल रिसर्च और फ्रांसीसी संस्थान ANRS इमर्जिंग इंफेक्शियस डिजीज के सहयोग से किया जा रहा है। वर्तमान में इबोला के लिए कोई स्वीकृत टीका या उपचार उपलब्ध नहीं है और संक्रमण तेजी से फैल रहा है।
परीक्षण के दौरान प्रतिभागियों की 21 दिनों तक दैनिक निगरानी की जा रही है। शोधकर्ताओं का कहना है कि प्रभावित परिवारों के भावनात्मक तनाव के कारण लोगों को जोड़े रखना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन यह दवा टीकों और उपचारात्मक उपचारों से अलग एक नई उम्मीद जगाती है। यदि यह परीक्षण सफल रहता है, तो यह देश के इतिहास के सबसे घातक इबोला प्रकोप को नियंत्रित करने में एक महत्वपूर्ण हथियार साबित हो सकता है।



