राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने संसद से राष्ट्रपति भवन तक मार्च किया और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक ज्ञापन सौंपा। विपक्ष ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को रद्द करने की मांग की है। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया में 13 करोड़ मतदाताओं को अनुचित तरीके से बाहर कर दिया गया है। इस दौरान दस प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति से मुलाकात की, जबकि अन्य नेताओं ने कर्तव्य पथ पर प्रदर्शन करते हुए चुनाव आयोग पर सरकार के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि चुनाव आयोग के कदम लोकतंत्र के लिए खतरा हैं और इससे व्यापक भय का माहौल बना है। राजद सांसद मनोज कुमार झा ने इसे बेईमानी के ढांचे को खत्म करने का राष्ट्रीय प्रयास बताया। वहीं, भाजपा नेता जेपी नड्डा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए विपक्ष को 'हताश और पराजित' करार दिया। नड्डा ने कहा कि हालिया उपचुनावों में मिली जीत यह दर्शाती है कि जनता का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और एनडीए के शासन पर अटूट विश्वास है।


