सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए मिसाइल हमले में 12 लोगों की मौत हो गई है और 300 से अधिक लोग घायल हुए हैं। सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अनुसार, यह हमला घरेलू टर्मिनल वाले परिसर को निशाना बनाकर किया गया। मृतकों में सऊदी अरब, बांग्लादेश, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, सूडान, फिलिस्तीन और अमेरिका के नागरिक शामिल हैं। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने इस हमले के लिए यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि वह संभावित सैन्य कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं और जल्द ही क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से चर्चा करेंगे। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक अमेरिकी नागरिक की मौत की पुष्टि करते हुए इसे युद्ध अपराध करार दिया है। सऊदी गठबंधन ने इस आक्रामकता का कड़ा जवाब देने की कसम खाई है, जबकि सुरक्षा कारणों से हवाई अड्डे का परिचालन फिलहाल निलंबित कर दिया गया है और उड़ानों को अन्यत्र भेजा जा रहा है।
सऊदी विमानन बुनियादी ढांचे पर हाल के दिनों में हुए हमलों की श्रृंखला में यह सबसे ताजा घटना है, जिसके चलते कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों ने सऊदी अरब के लिए अपनी सेवाएं रोक दी हैं। हूती बलों के खिलाफ सऊदी गठबंधन के सैन्य अभियान के बाद से क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है। सऊदी अरब अब अपने अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों से अतिरिक्त वायु रक्षा सहायता की मांग कर रहा है।


