डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने अपनी पार्टी को एसआईआर (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शनों का समर्थन करने का निर्देश दिया है। चेन्नई में पार्टी सांसदों के साथ बैठक के दौरान स्टालिन ने कांग्रेस के साथ किसी भी तरह के गठबंधन की संभावना को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कांग्रेस को 'पीठ में छुरा घोंपने वाली' पार्टी करार देते हुए एसआईआर मुद्दे पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया।
डीएमके ने वर्तमान एसआईआर प्रक्रिया को रद्द करने और पारंपरिक मतपत्र प्रणाली को बहाल करने की मांग का संकल्प लिया है। स्टालिन ने सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और सौरव दास सहित अन्य नेताओं की हिरासत की निंदा की और आंदोलन को कानूनी सहायता प्रदान करने का वादा किया। इन घटनाक्रमों से संकेत मिलता है कि डीएमके एक तीसरे राजनीतिक मोर्चे के गठन पर विचार कर रही है, जिससे वह इंडिया गठबंधन से और दूर हो सकती है। हालांकि, केंद्र सरकार ने आगामी विधायी एजेंडे के लिए डीएमके का समर्थन हासिल करने हेतु बातचीत के रास्ते खोले हैं।




