तमिलनाडु विद्युत बोर्ड ने राज्य में पवन और सौर ऊर्जा उत्पादन की निगरानी के लिए नई प्रणाली लागू करने की योजना बनाई है। मई 2027 से, बिजली उत्पादन का डेटा 'स्काडा' (Scada) तकनीक के माध्यम से हर सात सेकंड में राज्य भार प्रेषण केंद्र (SLDC) को भेजा जाएगा। यह नई व्यवस्था वर्तमान स्वचालित मीटर रीडिंग प्रणाली का स्थान लेगी।
पवन ऊर्जा उत्पादकों ने इस निर्णय पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि 12,000 मेगावाट क्षमता वाले 9,000 संयंत्रों के लिए पर्याप्त बुनियादी ढांचा उपलब्ध नहीं है। उन्होंने मांग की है कि इस तकनीक को अनिवार्य करने से पहले बोर्ड को एक परीक्षण (ट्रायल रन) करना चाहिए।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि समय सीमा का पालन न करने पर उत्पादन गणना में 10 प्रतिशत की कटौती की जाएगी। यदि उल्लंघन 30 दिनों तक जारी रहता है, तो पूरा उत्पादन गणना से हटा दिया जाएगा, और 45 दिनों से अधिक होने पर अतिरिक्त कार्रवाई की जाएगी। सौर ऊर्जा कंपनियों को दिसंबर 2024 तक और पवन ऊर्जा कंपनियों को 30 अप्रैल 2027 तक यह तकनीकी एकीकरण पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
