दिल्ली की वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 21 अक्टूबर को 244 दर्ज की गई, जो पिछले दिन के 179 के स्तर से गिरकर 'खराब' श्रेणी में पहुंच गई है। इस स्थिति को देखते हुए, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में तत्काल प्रभाव से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण को लागू कर दिया है।
आयोग की उप-समिति ने सभी संबंधित एजेंसियों को प्रदूषण के स्तर पर कड़ी निगरानी रखने और स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए उपायों को तेज करने का निर्देश दिया है। भारतीय मौसम विभाग और IITM के पूर्वानुमानों के अनुसार, आने वाले दिनों में वायु गुणवत्ता के 'खराब' श्रेणी में ही बने रहने की संभावना है।
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने मौजूदा प्रदूषण स्तर के लिए पिछली सरकार की पिछले एक दशक की विफलताओं को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए सड़क की धूल हटाने, पेविंग परियोजनाओं और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने जैसी पहलों पर जोर दिया।




