तमिलनाडु में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन द्वारा 30 अक्टूबर को जारी एक वीडियो के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है। स्टालिन ने विजय के नेतृत्व वाली तमिझागा वेत्री कड़गम (टीवीके) सरकार की आलोचना की थी, जिसके जवाब में टीवीके की आईटी विंग ने एक तीखा बयान जारी किया है। टीवीके ने स्टालिन को 'डमी डैडी' संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विजय अपराधों को रोकने और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार समीक्षा बैठकें कर रहे हैं और पुलिस को सख्त निर्देश दे रहे हैं।
टीवीके ने पूर्ववर्ती डीएमके सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उस समय कानून-व्यवस्था की समस्याओं के दौरान स्टालिन केवल वीडियो जारी करने, फिल्मों की समीक्षा करने और सोशल मीडिया पर रील्स बनाने में व्यस्त थे। टीवीके ने अरक्कोणम छात्रा मामला, अन्ना विश्वविद्यालय यौन उत्पीड़न और अन्ना नगर नाबालिग मामला जैसे पुराने मामलों का जिक्र करते हुए डीएमके शासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। साथ ही, यह दावा किया कि वर्तमान सरकार में अपराधियों के खिलाफ बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के कार्रवाई की जा रही है और जेम वीरमणि मामले की जांच भी फिर से शुरू की गई है।
टीवीके ने स्टालिन पर कटाक्ष करते हुए उन्हें 'एक्शन-कट' और 'पंच डायलॉग' तक सीमित बताया और उनके नौ मिनट के वीडियो पर तंज कसते हुए पूछा कि वे किस ज्योतिषी की सलाह पर इतने लंबे वीडियो जारी कर रहे हैं। गौरतलब है कि टीवीके द्वारा लगाए गए ये आरोप उनके अपने दावे हैं और इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है। राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर छिड़ा यह विवाद अब डीएमके और टीवीके के बीच एक गंभीर राजनीतिक संघर्ष में बदल गया है।


