पूर्व मंत्री के.एन. नेहरू ने अपने आवास पर हुई छापेमारी को राज्य में कानून-व्यवस्था की विफलता से ध्यान भटकाने की एक राजनीतिक साजिश करार दिया है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई के पीछे दुर्भावनापूर्ण राजनीतिक उद्देश्य हैं।
नेहरू ने स्पष्ट किया कि छापेमारी के दौरान उनके घर से केवल दो लैपटॉप जब्त किए गए हैं और कोई भी आपत्तिजनक दस्तावेज नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने उनसे कोई पूछताछ नहीं की, केवल जब्त की गई वस्तुओं पर उनके हस्ताक्षर लिए गए।
उन्होंने विश्वास जताया कि उनकी अनुपस्थिति के बावजूद त्रिची उपचुनाव में द्रमुक कार्यकर्ता पूरी निष्ठा से काम करेंगे। उन्होंने पुनः जोर देकर कहा कि हत्या और लूट जैसी घटनाओं से जनता का ध्यान हटाने के लिए ही सरकार ऐसी कार्रवाई कर रही है।

