भारतीय नौसेना के लिए अगली पीढ़ी के कार्वेट (Next Generation Corvettes) परियोजना स्वदेशी जहाज निर्माण क्षेत्र को नई गति प्रदान करेगी। इस पहल का उद्देश्य रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, निजी शिपयार्ड और एमएसएमई (MSMEs) सहित विभिन्न औद्योगिक भागीदारों के बीच सहयोग को मजबूत करना है।
अगले दस वर्षों में इन जहाजों के निर्माण से शिपयार्ड में लगभग 72 लाख श्रम-दिवस और सहायक उद्योगों व एमएसएमई क्षेत्र में 460 लाख श्रम-दिवस का रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह परियोजना घरेलू सामग्री, उपकरणों और प्रौद्योगिकियों के उपयोग को बढ़ावा देती है। यह प्रयास रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लक्ष्य के अनुरूप है और 'मेक इन इंडिया' पहल के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।

